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HIV/एड्स होने के बाद भी आप खुश रह सकते है

विश्व एड्स दिवस पहली बार 1 दिसम्बर 1988 में मनाया गया था | तब से यह प्रति वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाता है | HIV एड्स का सिंबल एक लाल रंग का का रिबन है जिसे 1991 में अपनाया गया था |
इस बीमारी के फैलने के मुख्य कारणों में यौन सम्बन्ध, दूषित खून, तथा इस्तेमाल की गई सुई कुछ मुख्य वजहें है | हलाकि सुरक्षित यौन सम्बन्धो के जरिये इसपर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है |
एड्स क्या‍ है ?
एड्स की फुल फॉर्म “एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम” है तथा यह बीमारी HIV नाम के वायरस से फैलती है। HIV नाम का वायरस मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ज्यादा कमज़ोर कर देता है। एड्स HIV पाजी़टिव गर्भवती महिला के द्वारा उसके बच्चे को, असुरक्षित यौन संबंधो से, संक्रमित खून या संक्रमित सूई के प्रयोग से हो सकता है। इस बिमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है की HIV पॉजिटिव व्यक्ति को इस बीमारी का पता तब तक नहीं चलता जब तक इसके लक्षण प्रदर्शित नहीं होते |
HIV के लक्षण –
-कई हफ्तों तक लगातार बुखार रहना। – अगर आपको लम्बे समय तक बुखार रहता है तो आप जल्द से जल्द किसी डॉक्टर को दिखाए क्योकि एक बार HIV/एड्स जैसी बिमारिओ से सक्रमित होने के बाद ऐसी बिमारिय काफी समय तक शरीर में बनी रहती है तथा दवाइयों से भी ठीक नहीं होती
थकान – HIV/एड्स के विषाणु हमारी कार्य शमता को प्रभावित करते है जिसके कारण HIV/एड्स से सक्रमित व्यक्ति को अक्सर थकान महसूस होती है अगर आप कुछ भी करने से पहले ही थका थका महसूस करते है तो आप थोडा सतर्क रहे |

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मासपेशियो में जकड़न – HIV/एड्स के विषाणु हमारी मासपेशियो पर बुरा प्रभाव प्रभाव डालते है इसलिए इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को अक्सर मासपेशियो में जकड़न तथा दर्द की समस्या बनी रहती है |
हफ्तों खांसी रहना तथा सिरदर्द एव गले में खराश – HIV/एड्स विषाणु हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शमता को सीधे तोर पर प्रभावित करता है इसलिए इस बीमारी से जूझ रहा व्यक्ति अक्सर सिरदर्द , गले में खराश तथा गले में दर्द जैसी बिमारियों से परेशान रहता है | लगातार पानी पिने के बाद भी गले में सूखापन भी HIV/एड्स का एक संकेत है |
जोड़ो में सुजन तथा दर्द – घुटनों कंधो तथा शारीर के किसी भी जोड़े में दर्द तथा सुजन होना भी HIV/एड्स के लक्ष्ण हो सकते है
अचानक से वजन का घटना – hiv/एड्स से पीड़ित व्यक्तियो का वजन एक दम से कम नहीं होता बल्कि धीरे धीरे कम होता है | अगर पिछले कुछ महीनो में आपके वजन में भी लगातार गिरावट आई है तो हमारी सलाह है की आप डॉक्टर से चेक करवा ले |
hiv/aids के कुछ अन्य लक्ष्ण –
मुँह में घाव होना।
भूख खत्म हो जाना।
बार-बार दस्त लगना
सोते समय पसीना आना |
रिपोर्ट में HIV पॉजिटिव आने का मतलब है की एड्स वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर चूका है पर इसका मतलब यह नहीं की आपको एड्स है | HIV पॉजिटिव होने के बाद 6 महीने से 10 साल के बिच कभी भी एड्स हो सकता है |
एच.आई.वी. से सुरक्षा के उपाय:
अगर कोई महिला HIV से संक्रमित है तथा गर्भधारण करना चाहती है तो वह पहले चिकित्सक से सम्पर्क ज़रूर करे
असुरक्षित संबंधो से बचें। हमेशा नयी सिरिंज तथा सुई का ही प्रयोग करे |
एड्स के ज्यादातर लक्ष्ण ऐसे है जो समान्य होते है इसलिए यह बिमारी चिकित्सको को भी भ्रमित करने में सफल रहती है | सकरात्मक सोच के साथ साथ अपनी सेहत पर ध्यान देकर HIV पॉजिटिव व्यक्ति भी एक आम इंसान की तरह जीवन यापन कर सकता है |
HIV के बारे में सिर्फ भारत में ही नहीं पुरे विश्व में बहुत से भ्रम फैले हुए है लोगो के भ्रमो की वजह से HIV पीड़ित व्यक्ति का जीना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है एड्स से जुड़े कुछ तथ्यों को भी जानना उतना ही ज़रूरी है जितना इस बिमारी को समझना |
HIV/एड्स से सम्बन्धित कुछ भ्रम तथा उनके उत्तर
प्रशन – क्या HIV के मरीज के साथ रहने से HIV हो जाता है ?
उत्तर – नहीं यह बिलकुल गलत है HIV मरीज को छुने से , उसके साथ रहने से , उसके साथ खाना खाने से HIV नहीं फैलता | निचे दिए गए कारणों से भी HIV नहीं फैलता |
एक ही शौचालय का इस्तेमाल करने से
जूठा पानी पिने से
गले लगाने से , हाथ मिलाने से
एक साथ एक ही बर्तन में खाना खाने से आदि |
भ्रम – HIV से डरने की ज़रूरत नहीं है, अब HIV को कुछ दवाइयों के माध्यम से जड़ से उखाड़ा जा सकता है ?
उत्तर – जी नहीं , ऐसा कुछ भी नहीं है, हलाकि कई शोधकर्ताओ द्वारा दावे किये गए की उन्होंने HIV का इलाज खोज लिया है | पर कोई भी सच साबित नहीं हो पाया | हाँ यह बात भी सत्य है की कुछ एंटीरेट्रोवाइरल ड्रग्स आने से HIV के मरीजो की स्थिति में काफी सुधार आया है लेकिन यह दवाइयाँ बहुत ज्यादा महँगी है तथा इनके साइड इफेक्ट्स भी बहुत खतरनाक है अभी तक इस बिमारी का उपचार पुरे विश्व में नहीं खोजा जा सका है |
प्रशन – क्या मच्छरों के काटने से भी HIV होता है। ?
उत्तर – जी नहीं , क्यूंकि HIV रक्त के द्वारा फैलने वाला संक्रमण है इसलिए सबको लगता है की यह मच्छरों के काटने से भी हो जाता है। पर ऐसा कुछ नहीं है |

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प्रशन – जिन HIV मरीजो का इलाज हो रहा है उनसे दुसरे व्यक्तियों को HIV नहीं फैलता ?
उत्तर – जी नहीं, अगर किसी भी HIV पीड़ित का अच्छे से इलाज हो रहा है तो भले ही उसके शरीर में HIV वायरस की मात्रा कम हो जाये पर HIV का वायरस शरीर से पूरी तरह से नहीं निकलता वह शरीर में ही कही न कही छुपा होता है इसलिए HIV का इलाज करवा रहे मरीजों से भी HIV वायरस फैलने का खरता बना रहता है |
प्रशन – अगर दोनों पार्टनर्स में से कोई एक भी HIV वायरस से संक्रमित है तो इसका पता कैसे चलता है ?
उत्तर – आप HIV का पता आप बिना Test करवाये नहीं लगा सकते, यह भी सम्भव है की आपको तथा आपके पार्टनर को बहुत सालो तक तो इस वायरस का कोई भी लक्षण देखने को न मिले या तो अचानक से बहुत लक्षण नज़र आने लगे | इसलिए अच्छा होगा की आप पहले ही HIV की जांच करवाले |
HIV/एड्स से पीड़ित लोगो को भी जीने का उतना ही हक़ है जितना की किसी आम इंसान को , किसी भी प्रकार से HIV/एड्स से युक्त व्यक्ति को एहसास दिलाना की उसकी ज़िन्दगी अब खराब हो गई है पूर्ण रूप से गलत है , हमे उन्हें निराश करने के बजाए उनका सहारा बनके उनके हर गम में उनका साथ देना चाहिए जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से यह एहसास न हो पाए की उनके पास अब सिर्फ रोने के इलावा अब कुछ नहीं है | इसलिए अगर आप HIV/एड्स से ग्रस्त किसी भी व्यक्ति को जानते है तो उनका सम्मान करें , उनसे अच्छे से बात करें , तथा उन्हें खुश रखने की हर सम्भव कोशिश करें |

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